
मुख्य शिक्षक के क्या कार्य है
- शाखा समय पर लगाना व विकिर करना ।
- शाखा लगने से विकिर करने तक नियमानुसार सीटी का प्रयोग करना ।
- शाखा में होने वाले सभी कार्यक्रम पूर्ण हों। (शारीरिक व बौद्धिक) ।
- किस कार्यक्रम के लिए जितना समय अपेक्षित है उतने समय में वह कार्यक्रम पूर्ण करना ऐसा प्रयास रहना चाहिए।
- साधारणतयाः शाखाओं में बौद्धिक कार्यक्रमों को उपेक्षित रखा जाता है।
अतः मुख्य शिक्षक को यह सुनिश्चित करना की देनिक शाखा पर बौद्धिक कार्यक्रम के लिए 10 मिनट का जो समय निश्चित है जिसमें गणगीत, अमृत वचन अथवा सुभाषित, बोधकथा (प्रेरक प्रसंग) आते हैं। अनिवार्य रूप से हों।

शाखा – कार्यवाह द्वारा करणीय कार्य-
1. शाखा में अनुशासन बना रहे।
2. शाखा में किस स्वयंसेवक की रूचि किस विद्या की और है ऐसा ध्यान में रखना।
3. शाखा के गटनायक शाखा की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप हो।
4. शाखा टोली की बैठक सप्ताह में एक बार अनिवार्य रूप से हो।
5. अपनी शाखा में संख्यात्मक वृद्धि किस प्रकार हो इस पर विचार करना।
6. अपनी शाखा की गुणात्मक वृद्धि कैसे हो इस पर विचार करना ।
शाखा पालक द्वारा करणीय कार्य

विद्यार्थी शाखा पर स्वयंसेवक छोटे होते है।मुख्य शिक्षकमुख्य शिक्षक अतः उसमें परस्पर विवाद न हो इसके लिए परस्पर स्नेह का वातावरण बनाए रखना।
2. स्वयंसेवक को कहानियाँ सुनाना, झोला पुस्तकालय जैसे उपक्रम भी चला सकते हैं।
3. शाखा कार्य में व्यवधान डालने को सम्पर्क और संवाद के माध्यम से उन्हे अपने अनुकूल बनाने का प्रयास करना
4. स्वयंसेवक के माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी से मिलकर उन्हें भी संघानुकूल बनाना व उन्हें पढ़ने को कुछ साहित्य भी उपलब्ध कराना।
5. शाखा के स्वयंसेवको की पढ़ाई व उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना।
6. शाखा को स्वयंसेवकों को लेकर नये लोगों के घर जाना।
7. पालक को स्वयं शाखा का संचालन नहीं करना।
मुख्य शिक्षक (Principal) के कार्य विभिन्न हो सकते हैं और इन्हें स्कूल या कॉलेज के प्रशासनिक कार्यों का प्रमुख अधिकारी कहा जाता है। यहां कुछ मुख्य कार्यों का उल्लेख किया गया है जो मुख्य शिक्षक द्वारा निबाहे जा सकते हैं:
संगठन और प्रबंधन: मुख्य शिक्षक का प्रमुख कार्य है संगठन के नियमन, प्रबंधन और चलाने का जिम्मा लेना। इसमें कर्मचारियों का प्रबंधन, संसाधनों की प्रबंधन, विद्यालय/कॉलेज के नीतियों का पालन और संगठन की सुचारू चलन को सुनिश्चित करना शामिल होता है।
शैक्षिक प्रगति की निगरानी: मुख्य शिक्षक को विद्यालय/कॉलेज में शैक्षिक प्रगति की निगरानी करनी होती है। इसमें पाठ्यक्रम की विकास, पाठ्यक्रम समीक्षा, छात्रों की उन्नति और अवकाशों का आयोजन शामिल होता है।
शिक्षकों और कर्मचारियों का प्रबंधन: मुख्य शिक्षक को शिक्षकों और कर्मचारियों का प्रबंधन करना होता है।
मुख्य शिक्षकों को शाखा में व्यक्तियों को लाठी चलाना , सूर्यनमस्कार करना , आत्मरक्षा करना , दंड-बैठक करना , कसरत करना , आसन करना , व्यायाम करना आदि क्रिया कराई जाते है | शाखा लगाना पूर्ण रूप से सिखाया जाता है और उनको शाखा कि प्रार्थना करना , ध्वज लगाना आदि कार्य सिखाये व कराये जाता है | शाखा में सभी बालको को प्रार्थना करना , बैठक में संघ से जुडी सभी जानकारी दी जाती है | शाखा में बैठक के दोरान संघ से जुडी सभी गतिविधियों के बारे में व उसके पूर्व इतिहास के जानकारी दी जाती है | शाखा के दोरान व्यायाम , क्रीडा आदि क्रिया कराई जाती है |
मुख्य शिक्षकों का मुख्य कार्य बालको को एकत्रित करना शाखा लगाना तथा बालको से लाठी चलाना , सूर्यनमस्कार करना , आत्मरक्षा करना , दंड-बैठक करना , कसरत करना , आसन करना , व्यायाम करना आदि क्रिया करना है | उनको शाखा कि प्रार्थना करना , ध्वज लगाना आदि कार्य सिखाये जाता है | ये सभी मुख्य शिक्षक के कार्य है |
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