संघ शिक्षा प्रशिक्षण वर्गों का महत्व

संघ शिक्षा प्रशिक्षण वर्गों का महत्व

संघ कार्य का आधार कार्यकर्ता हे, उसके विकास की प्रक्रिया में प्रशिक्षण का बड़ा महत्व है। वैसे तो दैनिक शाखा पर भी सतत प्रशिक्षण होता रहता है पर उसकी गति धीमी रहती है।संघ-शिक्षा-वर्ग इस नाते समय-समय पर नैपुण्य वर्ग, प्राथमिक शिक्षा वर्ग, संघ शिक्षा वर्ग आदि का आयोजन किया जाता है। इससे व्यक्तिगत तथा संगठनात्मक दोनों प्रकार के लाभ मिलते हैं।

व्यक्तिगत लाभ

दंड, नियुद्ध, योगचाप, पद विन्यास, समता, खेल, आचार विभाग आदिसंघ-शिक्षा-वर्ग की जानकारी एवं अभ्यास से आत्मविश्वास एवं शाखा चलाने की क्षमता में वृद्धि।संघ-शिक्षा-वर्ग चर्चा, बैठक गीत, बौद्धिक वर्गों से संघ विचार की स्पष्ट कल्पना एवं शकाओं का समाधान, वक्तृत्व शैली का विकास अनेक नये स्वयंसेवक से परिचय, मित्रता के दायरे में वृद्धि। संघ के अनेक अखिल भारतीय, क्षेत्रीय तथा प्रातीय अधिकारियों से परिचय एवं वार्तालाप का सुअवसर । समूह भावना, अनुशासन, निर्णय क्षमता, एकाग्रता, कम समय में अधिक काम करने की पात्रता,संघ शिक्षा वर्ग संतुलित दिनचर्या व्यवस्थित जीवन शैली आदि गुणों का व्यक्तिगत जीवन में भी हर समय लाभ मिलता है।

संघ शिक्षा प्रशिक्षण वर्गों का महत्व

संगठनात्मक लाभ

नये कार्यकर्ताओं का निर्माण एवं विकास इससे क्षेत्र में शाखाओं का विस्तार एवं गुणवत्ता में वृद्धि | शिक्षक एवं प्रबन्धक के नाते पुराने कार्यकर्ताओं का भी अभ्यास एवं प्रशिक्षण, जिस क्षेत्र में ऐसा वर्ग होता है. वहाँ के लोगों को संघ कार्य को निकट से देखने एवं समझने का अवसर मिलता है

संघ शिक्षा प्रशिक्षण वर्गों का महत्व

नये कार्यकर्ताओं का निर्माण एवं विकास इससे क्षेत्र में शाखाओं का संघ शिक्षा वर्ग विस्तार एवंसंघ शिक्षा वर्ग गुणवत्ता में वृद्धि | शिक्षक एवं प्रबन्धक के नाते पुराने कार्यकर्ताओं का भी अभ्यास एवं प्रशिक्षणसंघ-शिक्षा-वर्ग, जिस क्षेत्र में ऐसा वर्ग होता है. वहाँ के लोगों को संघ कार्य को निकट से देखने एवं समझने का अवसर मिलता है वर्ग के बाद शाखा विस्तार में वे भी सहायक बनते हैं। वर्ग की व्यवस्थाओं के लिए अनेक नये नये लोगों एवं संस्थाओं से सम्पर्क आता है, धीरे-धीरे वे भी स्थाई रूप से काम में जुड़ जाते हैं।

संघ शिक्षा प्रशिक्षण वर्गों का महत्व

नये कार्यकर्ताओं का निर्माण एवं विकास इससे क्षेत्र में शाखाओं का विस्तार एवं गुणवत्ता में वृद्धि | शिक्षक एवं प्रबन्धक के नाते पुराने कार्यकर्ताओं का भी अभ्यास एवं प्रशिक्षण, जिस क्षेत्र में ऐसा वर्ग होता है. वहाँ के लोगों को संघ कार्य को निकट से देखने एवं समझने का अवसर मिलता हैसंघ-शिक्षा-वर्ग वर्ग के बाद शाखासंघ शिक्षा वर्ग विस्तार में वे भी सहायक बनते हैं। वर्ग की व्यवस्थाओं के लिए अनेक नये नये लोगों एवं संस्थाओं से सम्पर्क आता है, धीरे-धीरे वे भी स्थाई रूप से काम में जुड़ जाते हैं।

वर्ग के बाद शाखा विस्तार में वे भी सहायक बनते हैं। वर्ग की व्यवस्थाओं के लिए अनेक नये नये लोगों एवं संस्थाओं से सम्पर्क आता है, धीरे-धीरे वे भी स्थाई रूप से काम में जुड़ जाते हैं।

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